🥜मुंगफली की खेती कब की जाती हैं? सही समय और तकनीक 2026 🌿







🥜 मुंगफली की खेती कब की जाती हैं? सही समय, मौसम और तकनीक की पूरी जानकारी ।


🥜मुंगफली की खेती कब की जाती हैं? सही समय और तकनीक 2026 🌿



मूंगफली (Groundnut / Peanut) दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण दलहन और तेल वाली फसलों में से एक है। यह विश्वभर में 100 से अधिक देशों में उगाई जाती है। भारत, चीन, नाइजीरिया, अमेरिका, सूडान और म्यांमार इसके प्रमुख उत्पादक देश हैं। भारत में यह गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में व्यापक रूप से लगाई जाती है।


मूंगफली न केवल तेल के लिए उपयोगी है, बल्कि इसके बचे से पशुओं का चारा और खाद भी बनती है। लेकिन अच्छी पैदावार और लाभ के लिए सबसे जरूरी बात है — **सही समय पर बोना**। अगर समय सही नहीं चुना गया, तो फसल रोगों का शिकार हो सकती है या पैदावार कम हो सकती है।


तो आइए जानते हैं कि **मुंगफली की खेति कब की जाती हैं** और किन मौसमों में बोना सबसे फायदेमंद होता है।


1. मुंगफली की खेति का सही समय: 3 मुख्य मौसम ।


मुंगफली की खेति मुख्य रूप से तीन मौसमों में की जाती है। यह आपके क्षेत्र की जलवायु और सिंचाई सुविधा पर निर्भर करती है।


  • खरीफ मौसम (मुख्य मौसम) 🌧️

- समय:

**जून से जुलाई** (मानसून आने के बाद)

- क्षेत्र:

अधिकांश भारत (मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ठर, कर्नाटक, राजस्थान)


- यह सबसे अधिक की जाने वाली खेती है। मूंगफली को **60 से 100 सेमी वर्षा** चाहिए होती है, जो मानसून में प्राकृतिक रूप से मिल जाती है।

- इस मौसम में बोई गई मुंगफली में तेल की मात्रा अधिक होती है।


  • रबी मौसम ❄️

- समय:

**अक्टूबर से नवंबर**

- क्षेत्र:

गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, महाराष्ट्र के सिंचित इलाके

- जब तापमान कम होने लगता है और मिट्टी में नमी बनी रहती है, तो यह समय बेहद उपयुक्त है।

- रबी में बोई गई मुंगफली की गुणवत्ता और आकार अच्छा होता है। हालांकि, इसके लिए समय-समय पर सिंचाई जरूरी होती है।


🥜मुंगफली की खेती कब की जाती हैं? सही समय और तकनीक 2026 🌿



  • ग्रीष्म/वसंत मौसम ☀️

- समय:

**फरवरी से मार्च**

- क्षेत्र:

 गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु

- इसे "समर ग्राउंडनट" भी कहा जाता है। यह तेजी से उगती है और लगभग **90-100 दिनों** में तैयार हो जाती है।

- बाजार में इस मौसम की मुंगफली का दाम अच्छा मिलता है।


2. मौसम-वार बोने का कैलेंडर (तालिका) 


| मौसम | बोने का समय | कटाई का समय | विशेष बात |

| **खरीफ** | जून-जुलाई | अक्टूबर-नवंबर | वर्षा पर निर्भर, तेल अधिक |

| **रबी** | अक्टूबर-नवंबर | फरवरी-मार्च | सिंचाई जरूरी, गुणवत्ता बेहतरीन |

| **ग्रीष्म** | फरवरी-मार्च | मई-जून | जल्दी पैदावार, अच्छा रेट |


3. जलवायु और मिट्टी की आवश्यकताएं 🌡️


मुंगफली एक **गर्म जलवायु** वाली फसल है। यह नम और ठंडी जलवायु में अच्छी नहीं उगती।


  • तापमान:

- **अनुकूल तापमान:** **20°C से 30°C**

- बोने के समय मिट्टी का तापमान कम से कम **18°C** से अधिक होना चाहिए।

- 35°C से ज्यादा गर्मी या 15°C से कम तापमान से पौधे की वृद्धि रुक जाती है।


  • वर्षा:

- **कुल वर्षा:** 50 से 100 सेमी

- बढ़ती बारिश या जलभराव से मुंगफली की जड़ सड़ सकती है, इसलिए **खेत में जल निकासी** का बंदोबस्त होना चाहिए।


  • मिट्टी:

- **सबसे अच्छी:** **बलुई दोमट (Sandy Loam)** या हल्की दोमट मिट्टी

- मुंगफली को उगने के लिए ढीली मिट्टी बहुत जरूरी है, क्योंकि फली मिट्टी के अंदर बनती है।

- **pH स्तर:** **5.5 से 7.0** के बीच आदर्श माना जाता है।


4. खेत की तैयारी और बुवाई की तकनीक 🚜


  • खेत की तैयारी:

- पहली जुताई के बाद **हल** से 2-3 बार खेत को समतल करें।

- खेत में गोबर की खाद या कम्पोस्ट (8-10 टन प्रति एकड़) मिला दें।

- जल निकासी के लिए **गीली नालियां** बनाएं, खासकर जलभराव वाले इलाकों में।


  • बीज का चयन और उपचार:**

- अपने क्षेत्र के अनुसार सर्टिफाइड किस्म चुनें:

  -   गुजरात/राजस्थान:** GG-20, GJG-32, JL-24

  -   मध्य प्रदेश/यूपी:** कद्री-6, जयवंत, टीजी-37A

  -  दक्षिण भारत:** टीएमवी-2, जेएल-220

- बोने से पहले बीज को **थायरम** या **मैनकोजेब** से उपचार करें, जिससे जड़ सड़न और फंगल रोग से बचाव हो।


  • बुवाई का तरीका:

-   बीज दर:** 40-50 किलो प्रति एकड़ (किस्म के अनुसार)

-   पंक्ति दूरी:** 30 सेमी

-   पौधा दूरी:** 10 सेमी

-   गहराई:** बीज को **4-5 सेमी** गहरा बोएं। ज्यादा गहरा बोने से अंकुरण में देरी होती है।

-   ड्रिल या कुदाल** से बोना सबसे अच्छा रहता है।


5. सिंचाई और खेत में देखभाल 💧


  • सिंचाई कब करें?

- खरीफ:

यदि बारिश कम हो, तो बोने के 15-20 दिन बाद पहली सिंचाई दें।

- रबी/ग्रीष्म: 


नियमित सिंचाई जरूरी है। फूल आने और फली भरने के समय मिट्टी में नमी बनाए रखें।

- कुल सिंचाई:

 4-6 सिंचाई पर्याप्त होती हैं।


  • निराई-गुड़ाई:

- पौधों की वृद्धि शुरू होने के 20-25 दिन बाद निराई करें।

- फली बनने के समय हल्की गुड़ाई करने से मिट्टी ढीली रहती है और फली अच्छी बनती है।


  • उर्वरक प्रबंधन:

- प्रति एकड़:

  - नाइट्रोजन:

12-15 किलो

  - फॉस्फोरस:

 20-25 किलो

  - पोटाश:

20-25 किलो

- मुंगफली में राइजोबियम बैक्टीरिया होता है, जो हवा से नाइट्रोजन जमा करता है, इसलिए नाइट्रोजन कम दें।


🥜मुंगफली की खेती कब की जाती हैं? सही समय और तकनीक 2026 🌿



6. कटाई और निष्पादन 🌾


मुंगफली की कटाई का सही समय पहचानना बेहद जरूरी है।


  • कटाई के संकेत:**

- पत्तियां **पीली** पड़ने लगें।

- पौधों का ऊपरी हिस्सा सूखने लगे।

- फली के अंदर दाने सख्त हो जाएं और खोल का रंग भूरा/हल्का काला पड़ जाए।

- **कुल अवधि:** बोने के **100-120 दिन** बाद।


  • कटाई का तरीका:

- पौधों को जड़ सहित खींच लें या खुदाई करें।

- खेत में 2-3 दिन उल्टा रखें ताकि नमी कम हो और फली आसानी से अलग हो सके।

- एक सा�स ज़्यादा नमी निकालने के लिए फलियों को छाया में सुखाएं।


  • पैदावार:

- अच्छी देखभाल में **10-15 क्विंटल प्रति एकड़** तक पैदावार मिल सकती है।


7. ग्लोबल स्तर पर मुंगफली की खेती 🌍


मूंगफली की खेति का समय विश्वभर में अलग-अलग है, क्योंकि यह उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में उगाई जाती है।


| देश | बोने का समय | विशेष जानकारी |

| **भारत** | जून-जुलाई, अक्टूबर-नवंबर | विश्व के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक |

| **चीन** | अप्रैल-मई | विश्व में सबसे अधिक उत्पादन |

| **अमेरिका (USA)** | अप्रैल-मई | जॉर्जिया, टेक्सास, अलाबामा में मुख्य खेति |

| **नाइजीरिया** | मई-जून | अफ्रीका का सबसे बड़ा उत्पादक |

| **सूडान** | जून-जुलाई | मुख्य रूप से वर्षा आधारित |

| **ब्राज़ील/अर्जेंटीना** | अक्टूबर-नवंबर | दक्षिणी गोलार्ध, रबी मौसम |


यह देखना दिलचस्प है कि जब भारत में खरीफ की बुवाई होती है, तो अमेरिका और चीन में वसंत/ग्रीष्म की बुवाई चलती है। यह इसलिए, क्योंकि मुंगफली को उगने के लिए **गर्म मौसम और पर्याप्त नमी** चाहिए, जो अलग-अलग महाद्वीपों में अलग समय पर मिलती है।


8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) ❓


प्रश्न: क्या मुंगफली की खेति गर्मियों में की जा सकती है?

उत्तर: हां, फरवरी-मार्च में की जा सकती है, लेकिन इसके लिए नियमित सिंचाई और प्याज/मक्का जैसी छाया वाली फसलों का प्रबंध होना चाहिए।


प्रश्न: मुंगफली को कितने दिन में पानी चाहिए?

उत्तर: फूल आने और फली भरने के समय हर 7-10 दिन में सिंचाई दें। जलभराव से बचें।


प्रश्न: क्या मुंगफली अकेले बोनी चाहिए या किसी और फसल के साथ?

उत्तर: मक्का, ज्वार, गन्ना या सूरजमुखी के साथ अंतरफसल के रूप में बोना लाभदायक होता है।


प्रश्न: मुंगफली में सबसे खतरनाक रोग कौन सा है?

उत्तर: **टिका (Tikka)** और **जड़ सड़न (Root Rot)**। इनसे बचने के लिए बीज उपचार और खेत में जल निकासी जरूरी है।


 👍 निष्कर्ष: सही समय चुनें, लाभ बढ़ाएं ।


मुंगफली की खेति का सबसे अच्छा समय **आपके क्षेत्र की जलवायु** पर निर्भर करता है। यदि आप वर्षा पर निर्भर किसान हैं, तो **जून-जुलाई** सबसे उत्तम है। यदि सिंचाई की सुविधा है, तो **रबी (अक्टूबर-नवंबर)** या **ग्रीष्म (फरवरी-मार्च)** में बोने से अधिक लाभ मिल सकता है।


ग्लोबल स्तर पर देखें तो मुंगफली एक **कमर्शियल फसल** के रूप में तेजी से महत्व पा रही है। सही किस्म, सही समय और समय पर देखभाल से यह फसल किसानों की आय दोगुनी कर सकती है।


> **यदि आप मुंगफली की खेति करने की सोच रहे हैं, तो नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से अपने मिट्टी की जांच और किस्म चयन के लिए अवश्य सलाह लें।**


🌿 इसे भी पढ़ें:

- मुंगफली में टिका रोग से बचाव के उपाय

- मुंगफली की सिंचाई कब और कितनी करें?

- मुंगफली की अच्छी किस्में और उनकी पैदावार

  • टैग्स:

मुंगफली की खेती, मुंगफली कब बोएं, Groundnut Farming, मुंगफली की सही समय, खरीफ फसल, रबी फसल, कृषि ब्लॉग




🥜मुंगफली की खेती कब की जाती हैं? सही समय और तकनीक 2026 🌿



    Read more. multi layer farming 4

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ