Krishi Yantra Subsidy 2026: कृषि यंत्रों पर 50% से 80% सब्सिडी कैसे ले।


 

Krishi Yantra Subsidy 2026: कृषि यंत्रों पर 50% से 80% सब्सिडी कैसे ले।

 **कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2026 ( Yojana / Krishi Yantra Subsidy)**। 


खेती-किसानी में समय और सही कृषि यंत्रों का बहुत बड़ा योगदान होता है। आज के दौर में अगर सही समय पर खेत की जुताई, बुवाई या कटाई न हो, तो फसल की पैदावार पर सीधा असर पड़ता है। लेकिन कल्टीवेटर, रोटावेटर, सुपर सीडर, थ्रेशर और ट्रैक्टर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों की कीमतें इतनी ज़्यादा हैं कि छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के लिए इन्हें खरीदना बहुत मुश्किल हो जाता है।


किसानों की इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर **कृषि यंत्रीकरण योजना (SMAM Yojana / कृषि यंत्र सब्सिडी योजना)** चला रही हैं। इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने पर **50% से लेकर 80% तक की भारी सब्सिडी** दी जाती है!


यानी अगर किसी कृषि यंत्र की कीमत ₹1,00000 है, तो वह यंत्र आपको सरकार की तरफ से मात्र ₹20,000 से ₹50,000 में ही मिल जाता है।


इस लेख में हम कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2025 की पूरी जानकारी देंगे। आप जानेंगे कि किन-किन यंत्रों पर कितनी छूट मिल रही है, पात्रता क्या है, कौन से कागजात लगेंगे और अपने मोबाइल से टोकन बुक करके सब्सिडी का फायदा कैसे उठाएं।



## कृषि यंत्र सब्सिडी योजना (SMAM Yojana) क्या है?

उत्तर प्रदेश सब्सिडी योजना 2026,


केंद्र सरकार का कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय 'सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन' (SMAM) योजना चलाता है। राज्यों में इसे राज्य कृषि विभाग के माध्यम से लागू किया जाता है (जैसे UP में कृषि यंत्र अनुदान योजना, MP में ई-कृषि यंत्र अनुदान, राजस्थान में कृषि यंत्र अनुदान आदि)।


इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देना है, ताकि किसान कम समय, कम लागत और कम मेहनत में ज़्यादा पैदावार ले सकें। 


योजना के तहत दो तरह से लाभ दिया जाता है:

1. **व्यक्तिगत किसानों के लिए:** कृषि यंत्र खरीदने पर **40% से 50%** सब्सिडी।

2. **महिला/लघु/सीमांत/SC/ST किसानों के लिए:** कृषि यंत्र खरीदने पर **50% से 80%** तक सब्सिडी।

3. **कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC):** कृषि यंत्रों का बैंक/बैंक लॉकर खोलने के लिए 80% तक की भारी छूट।


## किन-किन कृषि यंत्रों पर कितनी सब्सिडी मिलती है?


सरकार रबी और खरीफ दोनों सीजन की तैयारी के लिए दर्जनों कृषि उपकरणों पर सब्सिडी देती है। रबी सीजन (सितम्बर-अक्टूबर) में सबसे ज़्यादा मांग वाले यंत्रों की सूची और सब्सिडी का गणित नीचे देखें:


| कृषि यंत्र का नाम | मुख्य उपयोग | अनुमानित सब्सिडी (%) |

| **रोटावेटर (Rotavator)** | खेत की मिट्टी को बारीक और समतल करने के लिए | **40% से 50%** |

| **सुपर सीडर / हैप्पी सीडर** | पराली जलाए बिना गेहूं की सीधी बुवाई के लिए | **50% से 80%** |

| **सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल** | बीज और खाद की एक साथ सही गहराई पर बुवाई | **40% से 50%** |

| **मल्टीक्रॉप थ्रेशर (Thresher)** | गेहूं, चना, सरसों की मड़ाई और दाना अलग करने के लिए | **40% से 50%** |

| **पावर टिलर (Power Tiller)** | छोटे खेतों और बागवानी में जुताई के लिए | **50% से 70%** |

| **ट्रैक्टर (Tractor Subsidy)** | छोटे और सीमांत किसानों के लिए (विशेष योजनाओं में) | **20% से 50%** |

| **कल्टीवेटर / रीपर** | खेत की जुताई और फसल कटाई के लिए | **40% से 50%** |


## उदाहरण से समझिए सब्सिडी का फायदा


मान लीजिए आप रबी फसलों की बुवाई के लिए एक अच्छा **रोटावेटर** खरीदना चाहते हैं, जिसकी बाज़ार में कुल कीमत **₹1,00,000** (1 लाख रुपये) है:


* यदि आप एक **सामान्य वर्ग (General) के किसान** हैं, तो सरकार आपको 40% सब्सिडी यानी **₹40,000** छूट देगी। आपको रोटावेटर मात्र **₹60,000** में पड़ेगा।

* यदि आप **लघु/सीमांत/महिला/SC/ST किसान** हैं, तो आपको 50% सब्सिडी यानी **₹50,000** की सीधी बचत होगी और रोटावेटर केवल **₹50,000** में मिल जाएगा।


पैसा सीधा डीलर को देने के बजाय पहले किसान पूरा पेमेंट करके बिल बनवाता है, फिर सब्सिडी का पैसा direct बैंक खाते में (DBT के ज़रिए) वापस आ जाता है।


## योजना के लिए पात्रता की शर्तें (Eligibility)


कृषि यंत्र सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसान को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:


* किसान भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए।

* किसान के नाम पर स्वयं की खेती योग्य भूमि होनी चाहिए (खतौनी/फर्द में नाम अनिवार्य है)।

* आवेदक किसान ने पिछले 3 से 5 वर्षों में उसी कृषि यंत्र पर किसी अन्य सरकारी योजना से सब्सिडी न ली हो।

* ट्रैक्टर से चलने वाले यंत्रों (जैसे रोटावेटर, सीड ड्रिल, थ्रेशर) पर सब्सिडी पाने के लिए किसान के पास अपने या परिवार के नाम पर **वैध ट्रैक्टर RC** होना ज़रूरी है।

* एक किसान एक वित्तीय वर्ष में केवल एक ही बड़े कृषि यंत्र पर सब्सिडी ले सकता है।


## जरूरी दस्तावेजों की सूची (Documents List)


आवेदन करने से पहले मोबाइल या पास के CSC सेंटर जाने से पहले ये कागजात तैयार रखें:


1. **आधार कार्ड** (मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य)

2. **ज़मीन की खतौनी/फर्द/खसरा की नवीनतम प्रति**

3. **बैंक पासबुक** (जिसमें आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग पूरी हो)

4. **ट्रैक्टर की RC** (ट्रैक्टर चालित यंत्रों के लिए)

5. **जाति प्रमाण पत्र** (SC/ST किसानों के लिए 50% से अधिक सब्सिडी हेतु)

6. **पासपोर्ट आकार की फोटो**

7. **सक्रिय मोबाइल नंबर** (जिस पर SMS और टोकन OTP आएगा)


## ऑनलाइन आवेदन और टोकन बुकिंग कैसे करें? Step-by-Step


कृषि यंत्र सब्सिडी का लाभ पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया **'टोकन बुकिंग'** या ऑनलाइन आवेदन करना है। यह प्रक्रिया राज्यों के आधिकारिक कृषि पोर्टल पर होती है:


### स्टेप 1: अपने राज्य के कृषि विभाग पोर्टल पर जाएं

* **उत्तर प्रदेश:** `upagriculture.com` (पारदर्शी किसान सेवा योजना)

* **मध्य प्रदेश:** `dbt.mpdage.org` (ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल)

* **राजस्थान:** `rajkisan.rajasthan.gov.in` (राज किसान साथी पोर्टल)

* **अन्य राज्य:** केंद्र सरकार का मुख्य पोर्टल `agrimachinery.nic.in` खोलें।


### स्टेप 2: किसान पंजीकरण (Farmer Registration) करें

यदि आपका पंजीकरण पोर्टल पर पहले से नहीं है, तो अपना आधार नंबर या कृषक पंजीकरण संख्या (Farmer ID) डालकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।


### स्टेप 3: कृषि यंत्र का चयन करें

पोर्टल पर 'कृषि यंत्र अनुदान हेतु आवेदन' या **'टोकन बुक करें'** पर क्लिक करें। अपनी पसंद के यंत्र (जैसे रोटावेटर, सीड ड्रिल आदि) का चुनाव करें।


### स्टेप 4: टोकन बुकिंग और जमानत राशि (Token Money)

* कई राज्यों में फर्जी आवेदनों को रोकने के लिए छोटे यंत्रों पर ₹500 और बड़े यंत्रों पर ₹2,000 से ₹5,000 तक की ज़मानत राशि ऑनलाइन/चालान द्वारा जमा करवाई जाती है।

* उपकरण खरीदकर बिल पोर्टल पर अपलोड करते ही यह ज़मानत राशि सब्सिडी के साथ वापस आ जाती है।


### स्टेप 5: लॉटरी सिस्टम / प्रथम आगत-प्रथम पावत

* यदि आवेदनों की संख्या बजट से ज़्यादा होती है, तो **

लॉटरी या ई-ड्रॉ (E-Draw)** के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किसानों का चयन किया जाता है।

* नाम आने पर आपके मोबाइल पर SMS द्वारा कन्फर्मेशन और टोकन रसीद भेजी जाती है।


### स्टेप 6: अधिकृत डीलर से खरीदारी करें

टोकन मिलने के बाद आपको 15 से 30 दिनों का समय दिया जाता है। इस दौरान आपको सरकार द्वारा पंजीकृत किसी भी अधिकृत कृषि यंत्र डीलर से यंत्र खरीदना होता है और उसका **GST बिल** पोर्टल पर अपलोड करना होता है।


### स्टेप 7: भौतिक सत्यापन और सब्सिडी भुगतान

कृषि विभाग का अधिकारी आपके खेत/घर आकर यंत्र की जांच (Geotagging) करेगा। सत्यापन के 15 से 30 दिनों के भीतर सब्सिडी का पैसा आपके बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा।


## ⚠️ सावधान: सब्सिडी लेते समय इन 3 गलतियों से बचें!


1. **अनधिकृत डीलर से न खरीदें:**

 हमेशा सरकार द्वारा लिस्टेड (Registered Dealer) से ही यंत्र खरीदें। सादे कागज पर बना हस्तलिखित बिल मान्य नहीं होगा, **GST नंबर वाला पक्का बिल ही अपलोड करें।**

2. **समय सीमा का ध्यान रखें:**

 टोकन मिलने के बाद तय समय (आमतौर पर 15-30 दिन) के भीतर खरीदारी का बिल अपलोड करना अनिवार्य है, वरना टोकन निरस्त हो जाएगा।

3. **गलत बैंक खाता न दें:**

 सब्सिडी का पैसा केवल उसी खाते में आएगा जिसमें आधार लिंक है। बैंक खाता सक्रिय रखें।


## निष्कर्ष


आधुनिक दौर में मशीनों के बिना समय पर और मुनाफे वाली खेती करना नामुमकिन है। सरकार की **कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2026** छोटे और सीमांत किसानों के लिए अपने खेत को आधुनिक तकनीकों से लैस करने का सबसे शानदार अवसर है।


यदि आप भी रबी सीजन में रोटावेटर, थ्रेशर या सीड ड्रिल खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना तुरंत अपने राज्य के कृषि पोर्टल पर जाकर टोकन बुक करें।


💡 **सलाह:** यदि आपको कृषि यंत्र खरीदने के लिए शुरुआती पैसों की ज़रूरत है, तो हमारी पुरानी पोस्ट **"[KCC पर ₹5 लाख का लोन कैसे लें – पूरी प्रक्रिया](यहां है )"** ज़रूर पढ़ें। इसके अलावा सोलर पंप पर 90% सब्सिडी के लिए **"[ PM KUSUM yojana ]"**, फसल बीमा के लिए **"[Pm fasal beema yojana )"** और अपनी रुकी हुई किस्त के लिए **"](https://apanikhepm kisan kist rukne ke karan)"** पोस्ट देखें।




## अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)


**प्र.1: क्या बिना ज़मीन वाले किराएदार या बटाईदार किसान भी कृषि यंत्र सब्सिडी ले सकते हैं?**


उ. व्यक्तिगत यंत्रों पर सब्सिडी के लिए ज़मीन के कागज़ ज़रूरी हैं। लेकिन बटाईदार किसान 'किसान समूह' (SHG या FPO) से जुड़कर सामूहिक रूप से कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत 80% सब्सिडी ले सकते हैं।


**प्र.2: रोटावेटर या थ्रेशर का पैसा सीधे डीलर को कम देना होगा या पूरा?**


उ. शुरुआत में किसान को पूरा बिल चुकाना होता है। डीलर द्वारा GST बिल और यंत्र का सीरियल नंबर पोर्टल पर चढ़ाने तथा कृषि अधिकारी के सत्यापन के बाद सब्सिडी आपके बैंक खाते में रिफंड होती है।


**प्र.3: टोकन मनी (ज़मानत राशि) वापस मिलती है या नहीं?**


उ. जी हां, जब आप यंत्र खरीदकर बिल अपलोड कर देते हैं और सत्यापन पूरा हो जाता है, तो ज़मानत राशि आपकी सब्सिडी के साथ आपके बैंक खाते में लौटा दी जाती है।


**प्र.4: एक किसान कितनी बार कृषि यंत्र सब्सिडी का लाभ ले सकता है?**


उ. एक ही यंत्र पर 3 से 5 साल में केवल एक बार सब्सिडी मिलती है। लेकिन आप अलग-अलग वर्षों में अलग-अलग यंत्रों (जैसे एक साल रोटावेटर, अगले साल थ्रेशर) के लिए आवेदन कर सकते हैं।


जय जवान  जय किसान 🌿



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